Trending
Latest
अनजानी बातें

अनजानी बातें

27-12-2018

#मिर्जा गालिब

तुम सलामत रहो हजार बरस हर बरस के हों दिन पचास हजार निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिन बहुत बे-आबरू हो कर तिरे कूचे से हम निकले
3
1
आज के समाचार

आज के समाचार

27-12-2018

#मिर्जा गालिब

'दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है...'इश्क ने 'गालिब' निकम्मा कर दिया... जैसी बेहद मशहूर शायरियां लिखने वाले शायर मिर्जा गालिब को उनके चाहने वाले उनकी शायरियों के माध्यम से उन्हें अपने दिल में बसाए हुए हैं। मिर्जा गालिब का पूरा नाम असद-उल्लाह बेग खां उर्फ गालिब था, उनका जन्म 27 दिसंबर 1796 में उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में एक सैनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ था।
7
2
ऑनलाइन वायरल

ऑनलाइन वायरल

27-12-2018

#मिर्जा गालिब

हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मेरे अरमां, लेकिन फिर भी कम निकले
5
3
खबर दिनभर

खबर दिनभर

27-12-2018

#मिर्जा गालिब

मेहरबां होके बुलाओ मुझे, चाहो जिस वक्त मैं गया वक्त नहीं हूं, कि फिर आ भी न सकूं क़र्ज़ की पीते थे मय लेकिन समझते थे कि हां रंग लावेगी हमारी फ़ाक़ा-मस्ती एक दिन
4
2
डिजिटल इंडिया

डिजिटल इंडिया

27-12-2018

#मिर्जा गालिब

"होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा में मेरे आगे," मिर्ज़ा ग़ालिब ने ये शेर किसी भी वजह से कहा होता. आज की तारीख में कहते तो अपने नाम से चल रहे तमाम उर्दू ‘लिट फेस्ट’ और अपने घर की हालत देख कर कहते. दिल्ली शहर में साहित्य, कल्चर, उर्दू ज़बां और गंगा जमुनी तहजीब के तमाम कार्यक्रम होते हैं. उसी शहर के बीच में बनी ग़ालिब की हवेली पर जाना किसी भी साहित्यप्रेमी के लिए शर्मिंदा होने का कारण होना चाहिए.
3
3
देश की खबर

देश की खबर

27-12-2018

#मिर्जा गालिब

1857 के गदर के बाद उजड़ी दिल्ली और मिर्ज़ा साहब की किसी औलाद के न बचने के चलते ये हवेली दुनिया की नजरों से ओझल हो गई. समय के साथ इसमें मंडी लगने लगी. हीटर की फैक्ट्री खुल गई और पीसीओ बन गया. 1999 में दिल्ली सरकार ने हवेली को अपने संरक्षण में लिया. शीला दीक्षित सरकार ने इसे सुरक्षित करने के प्रयास किए. हवेली के दो कमरों और बीच के आंगन को ही संरक्षण में लिया जा सका. इसके अलावा बाकी का हिस्सा निजी संपत्ति की तरह माना जाता है.
3
3
Rahul raj

Rahul raj

27-12-2018 AUM-AL20

#मिर्जा गालिब

मिर्जा_गालिब
मिर्जा_गालिब
Repost
1
Repost
Comment
Repost
Comment
Repost
Comment
Singh moody 🤗🤷

Singh moody 🤗🤷

27-12-2018 Mi A2

#मिर्जा गालिब

अक्ल वालों के मुकद्दर में ये जुनून कहाँ ग़ालिब ये इश्क़ वालें है जो हर चीज़ लूटा देते हैं !!!
Repost
1
Repost
Comment
Dhiraj Kantariya

Dhiraj Kantariya

27-12-2018 RMX1805

#मिर्जा गालिब

3
3
Repost
Comment
Nurmoohamd padhiyar

Nurmoohamd padhiyar

28-12-2018 SM-J250F

#मिर्जा गालिब

Repost
Comment
Amarjeet Singh Battmij

Amarjeet Singh Battmij

28-12-2018 OPPO A71

#मिर्जा गालिब

Repost
1
Anonymous rashmi

Anonymous rashmi

28-12-2018 vivo 1802

#मिर्जा गालिब

Repost
1
Amit pariyar

Amit pariyar

28-12-2018 GT-I9060I

#मिर्जा गालिब

Repost
Comment
स्टेटस शायरी

स्टेटस शायरी

17-01-2019

#मिर्जा गालिब

Web Links
Repost
Comment
Delhi Live

Delhi Live

15-02-2019

#मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि

#मिर्जा गालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब उर्दू के महान शायर हैं, जिनकी नाम हर किसी ने सुन रखा होगा. उनकी शायरी का इस्तेमाल जाने-अनजाने जिंदगी के किसी मोड़ पर किया होगा. मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर, 17979 को हुआ था और उनका निधन 15 फरवरी, 1869 को हुआ.
3
3
Taaza News&

Taaza News&

15-02-2019

#मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि

#मिर्जा गालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब बॉलीवुड और टेलीविजन पर उनके ऊपर ज्यादा काम नहीं हुआ है. बॉलीवुड में सोहराब मोदी की फिल्म ‘मिर्ज़ा ग़ालिब (1954)' यादगार थी. टेलीविजन पर गुलजार का टीवी सीरियल ‘मिर्ज़ा ग़ालिब (1988)' भी मील का पत्थर है.
2
2
Trending Newzz

Trending Newzz

15-02-2019

#मिर्जा गालिब

#मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि

‘मेहरबां होके बुला लो मुझे चाहे जिस वक्त - मैं गया हुआ वक्त नहीं कि फिर आ भी नहीं सकूं। जी हां, ये अंदाज-ए-बयां उस मशहूर-ओ-मारूफ शायर का है जिसे मिर्ज़ा ग़ालिब कहा जाता है। आज गालिब की पुण्यतिथि है।
2
2
Youth Trend

Youth Trend

15-02-2019

#मिर्जा गालिब

#मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि

आगरा में जन्में (27 दिसंबर 1797) गालिब का आखिरी दौर कहते हैं, मुश्किलात में गुजरा। लेकिन वो फिर भी दिल की बात को कागज पर उतारते रहे। ना थके और ना रुके। उनका निधन 15 फरवरी 1869 को दिल्ली में हुआ। बहादुरशाह जफर का वो सुनहरा दौर बीत चुका था। मियां गालिब ने वक्त को लेकर जो बात कही वो उनका नजरिया था।
3
3
Maharashtra Live

Maharashtra Live

15-02-2019

#मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि

#मिर्जा गालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब का असली नाम मिर्ज़ा असद-उल्लाह बेग खान था. महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म उस दौर में हुआ जब मुगल सत्ता कमजोर पड़ रही थी और मिर्ज़ा ग़ालिब का जीवन बहुत ही मुश्किल हालात में गुजरा.
1
1
Welike शायरी

Welike शायरी

27-12-2018 Redmi Note 6 Pro

#मिर्जा गालिब

यादें उनकी किताबों में रह गई, इक अरसे से उन्हें टटोला नहीं है।
1
1
Welike शायरी

Welike शायरी

27-12-2018 Redmi Note 6 Pro

#मिर्जा गालिब

महखाने की महफ़िल में लाखों मिले, कुछ सिरफिरे और कुछ दिलजले।
3
3
16
6
Welike ट्रेंड्स

Welike ट्रेंड्स

15-02-2019 ONEPLUS A5010

#मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि

महान शायर और फारसी कविता के प्रवाह को हिंदुस्तानी जुबान में लोकप्रिय कराने वाले

#मिर्जा गालिब

के दीवाने दुनियाभर में फैले हैं। 27 दिसंबर, 1796 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मे मिर्जा गालिब की शेर-ओ-शायरी आज भी युवाओं की पहली पसंद है। 15 फरवरी, 1869 को दिल्ली में उन्होंने अपने प्राण त्यागे। अपनी लेखनी की जरिए आज भी गालिब लोगों के दिलों में राज कर रहे हैं।
2
2
Welike शायरी

Welike शायरी

27-12-2018 Redmi Note 6 Pro

#मिर्जा गालिब

थोड़ा रुक जाओ मेरे पास, पूरी उम्र नहीं रहोगे तुम मेरे।
2
3
Bolly Gazab

Bolly Gazab

15-02-2019 ONEPLUS A5010

#मिर्जा गालिब

@Welike ट्रेंड्स:

#मिर्जा गालिब की पुण्यतिथि

महान शायर और फारसी कविता के प्रवाह को हिंदुस्तानी जुबान में लोकप्रिय कराने वाले

#मिर्जा गालिब

के दीवाने दुनियाभर में फैले हैं। 27 दिसंबर, 1796 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मे मिर्जा गालिब की शेर-ओ-शायरी आज भी युवाओं की पहली पसंद है। 15 फरवरी, 1869 को दिल्ली में उन्होंने अपने प्राण त्यागे। अपनी लेखनी की जरिए आज भी गालिब लोगों के दिलों में राज कर रहे हैं।
Repost
Comment
User name